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Pet Me Gas Bane To Kya Kare

30 Jan, 2024 | Dr. Poonam Bali | No Comments

Pet Me Gas Bane To Kya Kare

Pet me gas bane to kya kare

पेट में गैस क्यों बनती है? इसका रामबाण इलाज जाने

पेट में गैस बनने के कई कारण हो सकते हैं। क्या आप इसे समझना चाहते हैं या फिर आप Pet Me Gas Banne Ke Karan दुखी है। यह बहुत ही सामान्य रोग है लेकिन कभी कभी यह किसी बड़े रोग का कारण भी बन सकता है। इसलिए जितना हो सकें पेट की गैस का रामबाण इलाज करवायें। यहां पर रामबाण इलाज अर्थ Pet Me Gas Banne का पक्का इलाज से हैं। चलिए अब विस्तार से पेट में गैस बनने की चिकित्सा और घरेलू उपाय पर चर्चा करते हैं।

 

पेट में गैस का बनना क्या है?

कभी-कभी भूख न लगना, गलत-खान पान और लापरवाही आदि के कारण पेट में दूषित वायु इकट्ठी हो जाती है, जो आध्यमान या अफारा को पैदा करती है, इसके परिणामस्वरूप पेट की नसों में खिंचाव महसूस होने लगता है।

ऐसी अवस्था में रोगी बेचैन हो उठता है। पेट फूलने लगता है। जब यह गैस ऊपर की ओर बढ़ने लगती है तो हृदय पर दबाब बढ़ता है जिससे घबराहट सी महसूस होती है।

यह गैस जब पेट में काफी समय तक रुक जाती है तो पेट में काफी दर्द करती है, जिसे अफारा या पेट में गैस का बनना कहते है।

 

पेट में गैस बनने का कारण :

जब हमारी आंतों में मल इकट्ठा हो जाता है या किसी प्रकार की गंदगी फंस जाती है तो वह आंतों में सड़ने लगता है। जिस कारण से आंतों में बदबूदार गैस बनने लगती है। इन दूषित वायु को जब कहीं से निकलने का रास्ता नहीं मिलता है तो उस दूषित वायु से पेट फूलने लगता है। ऐसी स्थिति में बहुत से रोगियों को अन्य कई और भी रोग हो जाते हैं जैसे भूख न लगना, अपच और दस्त आदि। कई चिकित्सकों का मानना है कि अधिक मात्रा में भोजन करने, बाजारों में अधिक तेल-मिर्च, गर्म मसालों का सेवन करने से पाचन क्रिया खराब होने के कारण से पेट में गैस बनता है।

 

पेट में गैस क्यों बनती है?

हमने इस लेख को लिखने से पहले Bliss Care के जाने माने Dr. Poonam Bali से बात की। उनसे हमने एक प्रश्न किया कि पेट में गैस क्यों बनती है। इस पर उनका कहना है कि कषैली, कड़वी, तीखी और सूखे वस्तुओं को खाने, अधी दुखी रहने, अत्यन्त ठण्डे पदाथों का सेवन, अधिक संभोग के कारण वीर्य की कमी, मल-मूत्र के प्रेशर के रोकने से, चिंता और भय (डर) युक्त जीवन जीने के कारण भी गैस बन सकती है। इसके अलावा भी कई कारण हो सकते हैं जो कि पेट और आंत की जांच करने पर पता चल सकता है। पेट में गैस बनने का इलाज जांच और कंडीशन पर निर्भर करता है। इसलिए Pet Main Gas Ka Ilaj करने के लिए चिकित्सक की परामर्श लेना बहुत जरूरी है।

 

चलिए अब पेट में गैस बनने पर उसके लक्षण क्या हो सकते हैं। इसकी जानकारी लेते हैं –

पेट में गैस के लक्षण:

आंत में अफारा या गैस के इकट्ठा होने से पेट में दर्द, जी मिचलाना, श्वास  (सांस) लेने में कष्ट के साथ ही रोगी को बहुत घबराहट होती है। कभी-कभी छाती में जलन भी होती है। दूषित गैस जब ऊपर की ओर चढ़ती है तो सिर में दर्द होने लगता है, रोगी को चक्कर आने लगते हैं। जब तक रोगी को डकार नहीं आती या मलद्वार से गैस नहीं निकलती है तब तक रोगी को बेचैनी और पेट में दर्द होता रहता है।

 

पेट में गैस के घरेलू उपाय:

1. सोंठ (Dry ginger) :

  • सोंठ का चूर्ण 3 ग्राम और एरण्ड का तेल 8 ग्राम सेवन करने से कब्ज के कारण होने वाला गैस बनने का रोग ठीक हो जाता है।
  • सोंठ का चूर्ण लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग से लगभग 1 ग्राम भाग में कालानमक मिलाकर सुबह और शाम लेने से लाभ मिलता है।
  • सोंठ और कायफल को मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से गैस निकल जाती है।

2. पोदीना (Mint):

  • पोदीना के 5 मिलीलीटर रस में थोड़ा-सा सेंधानमक मिलाकर सेवन करने से पेट में गैस बनना बंद हो जाता है। यह घरेलू उपाय पेट की गैस का रामबाण इलाज हो सकता है।
  • पोदीने का रस 50 मिलीलीटर, मिश्री 5 ग्राम और 2 ग्राम यवक्षार मिलाकर खाने से गैस दूर हो जाता है।
  • पोदीने के पत्तों का शर्बत बनाकर पीने से Pet Me Gas Banane पर आराम मिलता है।

3. अदरक (Ginger):

अदरक 3 ग्राम, 10 ग्राम पिसे हुए गुड़ के साथ सेवन करने से गैस की समस्यां दूर हो जाती है।

4. लहसुन (Garlic):

लहसुन का पिसा हुआ मिश्रण लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग को घी के साथ सेवन करने से पेट में बनी गैस बाहर निकल जाती है।

5. सौंफ (Fennel):

  • सौंफ 25 ग्राम को 500 मिलीलीटर पानी में उबालें, जब 100 मिलीलीटर पानी बच जाये तब सेंधानमक व काला नमक 2-2 ग्राम मिलाकर रख लें, फिर इस काढ़े को छानकर पीने से गैस बनना बंद हो जाता है।
  • सौंफ को कूटकर चूर्ण बनाकर रख लें। 5 ग्राम चूर्ण हल्के गरम पानी के साथ सेवन करने से जल्दी पेट का फूलना बंद हो जायेगा।

6. इलायची (Cardamom) :

इलायची, आंवले का रस या चूर्ण में भुनी हुई हींग लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग और थोड़ा सा नींबू का रस एक साथ मिलाकर सेवन करें। इससे गैस और पेट दर्द दूर हो जाता है।

7. अंगूर (Grape):

अंगूर के 50 मिलीलीटर रस में 5 ग्राम मिश्री और 2 ग्राम यवक्षार मिलाकर पीने से गैस दूर होता है।

8. हींग (Asafoetida) :

  • हींग को पानी में घोलकर नाभि (पेट के निचले भाग) के आस-पास लेप करने और गर्म पानी की थैली या बोतल रखने से गैस निकल जाती है।
  • हींग को 2 से 3 ग्राम पानी में घोलकर बस्ति (नाभि के निचले भाग) पर लगाने से अफारा रोग में लाभ होता है।
  • देशी घी में भुनी हुई हींग लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग से लगभग 1 ग्राम को अजवायन और काला नमक के साथ पानी में घोलकर पिलाने से पेट की गैस में तुरंत लाभ मिलता है।

9. नींबू  (Lemon): नींबू के रस को 200 मिलीलीटर पानी में थोड़ा-सा सेंधानमक मिलाकर धीरे-धीरे पीने पेट की गैस निकल जाती है।

10. मूली (Radish) :

मूली के पत्तों के 20 से 40 मिलीलीटर रस को सुबह-शाम रोगी को देने से पेट की गैस की शिकायत दूर होती है।

11. दही (Curd):

दही के छाछ (दही का खट्टा पानी) को पीने से Pet Me Gas Banana बंद हो जाता है।

12. प्याज (Onion):

  • प्याज के रस में हींग और कालानमक पीसकर पीने से गेस और पेट दर्द दूर हो जाता है।
  • 20 मिलीलीटर प्याज के रस में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग हींग और 1 ग्राम कालानमक मिलाकर दिन में 3 बार रोगी को पिलाने से पेट का दर्द और पेट का फूलना बंद हो जाता है।

 

ऊपर बताई गई सभी घरेली उपाय हमारे रसोई घरों में मौजूद है लेकिन हम इसके बारे में नहीं जानते। Dr. Bali ने इन उपायों के बारे में बताया कि ये घरेलू उपाय तभी पेट की गैस का रामबाण इलाज बन सती है जब आप भोजन और परहेज के नियमों का ठीक से पालन करते हैं तथा चिकित्सक की देख रेख में करते हैं। Pet Me Gas Bane To Kya Kare के बारे में हमे जानकारी तो हो गई लेकिन भोजन और परहेज में क्या करें, इसकी जानकारी लेते हैं-

 

भोजन और परहेज :

  1. किसी भी रोग को ठीक करते समय आप भोजन और परहेज पर विशेष ध्यान दें। क्योंकि ऐसा न करने पर कोई भी घरेलू या प्राथमिक चिकित्सा के उपाय काम नहीं करेगी।
  2. छोटा अनाज, पुराना शालि चावल, रसोन, लहसुन, करेला फल, शिग्रु, पटोल के पत्ते, फल और बथुआ आदि का सेवन रोगी अपने भोजन में कर सकता है। लेकिन बंदगोभी, कचालू, अरबी, भिण्डी और ठण्डी चीजें वायुकारक खाद्य पदार्थ हैं, जिसके सेवन करने से पेट में वायु बनती है और अफारा हो जाता है, उनका सेवन बिल्कुल भी न करें।
  3. चावल, राजमा, उड़द की दाल, दही, छाछ, लस्सी और मूली का प्रयोग न करें क्योंकि यह गैस को अधिक कर देता है।
  4. Pet Me Gas Banane पर कड़वे, तीखे, कषैले, सूखे और भारी अनाज (अन्न), तिल, शिम्बी मांसाहारी भोजन, अप्राकृतिक और विषम आसन, मैथुन, रात में जागना, व्यायाम और क्रोध (गुस्सा) आदि को छोड़ देना चाहिए। ऐसा करने से इस रोग का प्रभाव बढ़ता जाता है।

 

निष्कर्ष (Conclusion):

अब हम आशा करते हैं कि इस ब्लोग को पढ़कर आप समझ गये होंगे कि पेट में गैस हो तो क्या खाना चाहिए और क्या करना चाहिए। लेकिन हमारी तरफ से आपको सलाह है कि किसी भी प्रकार का आयुर्वेदिक नुस्खा या घरेलू उपाय द्वारा पेट में गैस बनने का इलाज करने से पहले आप चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बहुत से पदार्थ जिनके द्वारा आप रोगों को ठीक करना चाह रहे हैं वे मौसम के अनुसार होते हैं और मौसम के अनुसार ही उसका उपयोग करना चाहिए। उदाहरण के लिए गर्मी के दिनों में हींग अनावश्यक उपयोग हानिकारण हो सकता है। इसके अलावा कुछ लोगों को कई पदार्थों से एलर्जी भी होती है और उन्हें यदि यह बात पता नहीं और उन्होने उसका सेवन कर लिया तो उनकी तबीयत और खराब हो सकती है। इसलिए इलाज से पहले डॉक्टर से सलाह लेना ही उचित कदम है।

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